कोर्ट का फैसला आ गया है, लालू के साथ उनके 45 सहयोगी दोषी साबित हो गए हैं। उम्मीद कम हीं है उनकी संसद की सदस्यता बच पायेगी।
एक बार लालू जी बिहार के राजनीती में बादशाह थे, पूरे बिहार में लालटेन जलता था ,कोई कह रहा है लालू जी तो अब तेल लेने गए भला अब तेल लेकर क्या हो पायेगा लालटेन तो अब बुझने वाला हीं है। कभी जनता दल को तोड़ कर आर जे डी का हरा लालटेन जलाये थे कि बिहार से अँधेरा हटायेंगे अब खुद को हीं अँधेरे से न बचा पाए, आखिर आखिर तक कोशिश कि लौ बची रहे लालटेन की पर ये कांग्रेस के उपाध्यक्ष बाबु ने फूंक मार कर हैप्पी बर्थडे बना दिया, बोला की सब "बाकवास" है, अध्यादेश को फाड़ कर फेंक देने को कह दिया, जज्बाती हो बकवास के जगह बाकवास कह गए. कांग्रेस भी क्या करती अब लालू जी वैसे तो रह नहीं गए हैं की उनकी जरुअत पड़े और वैसे भी अब जदयू के साथ हाथ से तीर चलाना है तो लालटेन क्यों जलायें?
कांग्रेस की मम्मी क्या करे राहुल बेटा को प्रमोट भी करना था उनकी इमेज को लोगों में सही बनाना था इसलिए मनमोहन जी के अमेरीका जाने के बाद उनके इज्ज़त पर छुरा चलवा दिया। वैसे भी मनमोहन तो अपने इज्ज़त को लेकर लैमिनेटेड हो गए कोई कितना भी पानी कीचड़ उछाल दे उनपर, वो चुप ही रहेंगे। पी एम का लैमिनेटेड इज्ज़त तो मैडम ही दिलवाई हैं तो उनके बेटे उस पर पानी डाल कर उसका लेमीनेशन चेक तो कर हीं सकते हैं। ऐसा थोड़े है की मम्मी का पास किया हुआ अध्यादेश बेटा को नहीं मालूम होगा और राष्ट्रपति के पास भेजने के बाद तक और एक सप्ताह तक राहुल अपना गुस्सा दबा कर रखेंगे और अचानक आ कर मिडिया में बम मार देंगे।
खैर अब समोसा में आलू तो है पर बिहार से लालू का जाना तय हो गया है। अध्यादेश टाइम पर पास नहीं हुआ, लालू जी जेल गए और आरजेडी का लालटेन अब बुझ सकता है और सब के पीछे राहुल जी को आगे भी बढ़ा लिया गया। मोदी जी को टक्कर जो देना है।
कैसे इंजिनियर बनने की मशीन में चले गए पाण्डेय जी , अच्छा लिखते हैं आप ...काफ़ी ख़ुशी हुई किसी सियुजे के इंजीनियरिंग के छात्र का ब्लॉग पढ़कर , वैसे राहुल और पवन के साहित्यिक गुणों से वाकिब था मैं .....अब आपसे रूबरू होने का मुका मिला ....लिखते रहिये
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